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Thursday, May 18, 2023

नैनीताल - जानकारी लेख (Nainital - Information guide about hill station)

नैनीताल जाना है तो सुन लो मेरी बात, ये जानकारी रख लो अपने साथ । बाद में न कहना कि बताया नही 😊

झीलों की नगरी - तालों में ताल है नैनिताल ..🍁

गर्मी आने को है और अधिकतर लोग छुट्टियों में पहाड़ों पर जाने को है आतुर .. चलिये मैं बताता हूँ एक प्रसिद्ब हिलस्टेशन नैनीताल के बारे में .... यू तो मैं कई बार नैनीताल गया हूँ एक अजीब सा रिश्ता नजर आता  नैनीताल से। उत्तराखंड के दो भाग गढ़वाल और हराभरा खूबसूरत कुमायूं .. और नैनिताल कुमायूं की शान है .... चलते है नैनीताल की ओर ...

1. दिल्ली से रात की कोई भी ट्रेन या रानीखेत एक्सप्रेस पकड़ लीजिये या आनन्द विहार से बस में टिकिट बुक करके निकल जाये । सुबह की पहली फुर्सत में ट्रेन से काठगोदाम उतरिये ..., नैनीताल ले जाने के लिए टैक्सी वाले आप लोगो को खुद पकड़ लेंगे ... शेयरिंग या फुल टैक्सी करके 35 किमी के खूबसूरत सड़कमार्ग होते हुए पहुँच जाइये । यहाँ पर बस स्टैंड पर तल्लीताल पर उतार दिए जाओगे । खूबसूरत नैनी झील  बांहे फैलाकर आपका स्वागत करेगी । 

2. झील की तरफ मुँह करके निहारिये और सीधा हाथ सामने कीजिये और और दाएं तरफ घुमाते हुए पीछे तक ले आये ...झील के किनारे रास्ते पर (मल्लीताल, मॉल रोड, तल्लीताल और जू रोड) ये सब जगह पर आप लोग आलीशान से लेकर बजट होटल बुक (पैसा बचाना है तो खूब मोलभाव जरूर कीजिये) कर सकते है । बजट होटल आपको जू रोड मिल जाएंगे जहां ऊंचाई से झील का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलेगा । होटल ऑनलाइन भी बुक कर सकते है । 

●होटल पाकर निकल जाइये स्थानीय नैनीताल की सैर पर 

1. इको केव पार्क
2. लवर्स पॉइन्ट
3. डोरथी शीट (टिफिन टॉप)
4. बारा पत्थर
5. खुरपा ताल व्यू पॉइंट
6. साडियाताल
7. साडियाताल जल प्रपात
8. खुरापाताल
9. नैनीझील व्यू पोइन्ट, किलबरी
10. हिमालय दर्शन व्यू पोइन्ट
11. स्नो व्यू (केवल कार के द्वारा) 
12. नैनीताल चिड़ियाघर
13. राजभवन गवर्नर हाउस
14. हनुमानगढ़ी
15. वेधशाला
16. नैना पीक व्यू पोइंट ( वाया जंगल ट्रेक )
17. नैनादेवी मन्दिर
18. तिब्बती बाजार
19. ठंडी सड़क
20. मॉल रोड 
21. नैनी झील 
22. नैनीझील में बोटिंग

◆जितना एक दिन में कर सके कर लीजिये  बाकी छोड़ दीजिये जब समय बचे तब कर लीजिये ।

3.अगले दिन निकल लीजिये लेक टूर पर

1. भीमताल
2. नौकुचिया ताल
3. हनुमानगढ़  मंदिर
4. सात ताल (१)पन्ना या गरुण ताल (२) नल-दमयंती ताल (३) पूर्ण ताल (४) सीताताल (५) रामताल (६) लक्ष्मणताल (७) सूखा ताल ।
5. नल दमयंती ताल
6. भोवाली
7. कैंची धाम (बाबा नीव करौरी मन्दिर)

4. अगले दिन बचे लोकल नैनीताल को कीजिये या फिर निकल जाइये किलबरी रोड होते हुए 12किमी दूर खूबसूरत "पंगोट" को । जंगल मे घूमिये, जंगल की खामोशी को समझिये, पहाड़ो का नजारा लीजिये, ठंडी हवाओं का आनन्द लीजिये, पक्षियों की चहचहाट सुनिए ।

नैनीताल एक बड़ी जगह है तो रुकने और खाने के ऑप्शन बहुत मिल जाते है, भरे सीजन में होटल मिलना मुश्किल होता है तो पहले से बुक करके जाए । खाने के लिये आप नैनिदेवी मंदिर के पास,माल रोड पर ढेर सारे हर तरह के ऑप्शन मिल जाते है ।
 
नैनीताल में डिजायनर मोमबत्ती का उधोग व्यापक रूप से होता है . तरह तरह डिजाइन, आकृति, मूर्ति रूप की मोमबत्ती और लकड़ी की सामान व  कलाकृति खरीद सकते ।

काफी कुछ नैनीताल के बारे में बता दिया, आशा है अधिकतर जानकारी आप लोगो को मिल गयी होगी ।

घूमक्कड़ी दिल ♥️ से 
धन्यवाद दिल से ।

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1. नैनी झील मल्लिताल की तरफ से
2. स्नोव्यू केविल कार
3. खुरपा ताल 
4. भीमताल
5. नौकुचिया ताल

चित्र तो बहुत है पर 5 ही लगा सकते है ।

नोट : ये जो पोस्ट है वो केवल नैनीताल के बारे में है । अभी मुक्तेश्वर, रानीखेत, शीतलाखेत, कौसानी, अल्मोड़ा, जागेश्वर धाम, बैजनाथ, बागेश्वर, पाताल भुवनेश्वर, बिनसर, ताड़केश्वर महादेव, लैंस डाउन, कॉर्बेट नेशनल पार्क ये सब जगह बाकी है ।

राधे राधे🙏🍁





Sunday, April 23, 2023

कश्मीर / श्रीनगर - यात्रा जानकारी ( Kashmir / Srinagar - Travel Information Guide)

कश्मीर ....अपने देश का ताज और खूबसूरती में बेमिसाल : 

1. जम्मू से श्रीनगर 250 किमी दूर है । जिसमे 6 घण्टे से भी अधिक समय लग सकता है । सुबह जल्दी निकलेंगे तभी आप श्रीनगर तक समय पर पहुँच सकते है । 

2. श्रीनगर में डल झील के किनारे बुलेवार्ड रोड पर डल लेक गेट न. 1 से 12 तक बहुत सारे होटल (बजट/लक्जरी) और स्वादिष्ट भोजन के रेस्तरां और भोजनालय है, वो भी शुद्ध शाकाहारी भी । आप श्रीनगर में डल झील में बसे शहर में हाउसबोट बुक कर सकते है यदि जमीन पर रहना है तो होटल की कोई कमी नही है ।

3. पहले लोकल श्रीनगर की सैर का आनन्द लिजिये ... 

1. शंकराचार्य मंदिर (Shankrasharya Temple)
2. डल झील ( Dal Lake)
3. ज्येष्ठा देवी मंदिर (Zestha Devi Temple)
4. परी महल  (Pari Mahal)
5. चश्मे शाही  (Chashme Shahi)
6. टूलिप गार्डन (Tulip  Garden )
7. निशात बाग -मुग़ल गार्डन (Nishat Mughal Garden)
8. शालीमार बाग (Shalimar Garden )
9.  चार चिनार (Char Chinar)
10. नगीन झील (Nagin Lake -A Part of Dal Lake)
11. नेहरु पार्क (Nehru Park)
12. हजरतबल मस्जिद (Hajratbal Mosque)
13. जामा मस्जिद ( Jama Masjid) 
14. मानसबल झील (Manasbal Lake)
15. सेब का बाग (Apple Garden)
16. डल झील का तैरता बाजार (Floating Market in Dal Lake)
17. शिकारा की सैर (Shikara Ride )
18. बादामबाड़ी (Badambadi

जितना एक दिन में देख सकते है देख लीजिये बाकी बाद के लिये छोड़ दीजिये ...

4. अगले दिन सोनमर्ग के लिये टैक्सी कर लीजिये और अल-सुबह ही निकल जाये । श्रीनगर से सोनमर्ग 80 किमी दूर है पहाड़ी रास्ता है तो पहुँचने में समय भी लगेगा ... सिंध नदी के किनारे घाटी को सुंदरता का आनन्द लेते हुए चलते जाइये रास्ते मे नदी किनारे किसी भी रेस्तरां में नाश्ता जरूर कीजिये । सोनमर्ग पहुँचने के बाद खाना खाइए और दूर से ही थाजीवास ग्लेशियर का आनन्द लीजिये यदि ट्रेक पर जाना है तो बहुत से घोड़े वाले आपको ले जाने का स्वयं आग्रह करेंगे । सोनमर्ग से आगे आप टैक्सी से आप रोमाँचित करता जोजिला पास से होते हुए ज़ीरो पॉइंट तक जाइये , रास्ते मे जोजिला पास (श्रीनगर लेह हाइवे) से जाते हुए दूर से बालटाल की सुंदर घाटी का आनन्द लीजिये । जीरो पॉइंट पर आपको बर्फ तो जरूर मिलेगी, आनन्द लीजिये घाटी का और सिंध नदी के उद्गम का । बर्फ पर ट्रेक करके झरने तक जाइये , स्लेज कीजिये , खाना पीने का लुफ्त लीजिये बर्फ के ऊपर बने टेंट रेस्तरां का ।

और हाँ ! टैक्सी वाले से वापिसी में खीर भवानी मन्दिर जाने के पहले से ही तय कर लीजिये ।
लौटते समय खीर भवानी मन्दिर (श्रीनगर से 25 किमी दूर जिला गांदरबल) के दर्शन जरूर कीजिये । यहाँ पर दर्शन करने पर जो आनन्द आएगा उसे आप नही भूल पाएंगे । 

शाम को वापिसी श्रीनगर ।

मेरे ख्याल से 4 दिनों में यही कर ले तो बहुत होगा ।

धन्यवाद दिल से ♥️

चित्र : कश्मीर के श्रीनगर और सोनमर्ग के । यात्रा समय जून 2015

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चित्र नम्बर 
1. ज़ीरो पॉइंट , जोजिला पास, सोनमर्ग
2. निशात बाग
3. झरना, जीरो पॉइंट
4. डल झील 
5. खीर भवानी मन्दिर

Saturday, April 22, 2023

मनाली - यात्रा जानकारी ( Manali - Travel Information)

हिमाचल प्रदेश की सबसे खूबसूरत वादी, मनाली है सबको बहुत प्यारी ...🍁

गर्मी में ठंडी हवाओं का अहसास आज आपको ले चलते मनाली, न न जाएंगे  तो आप स्वयं से , जानकारी मैं दूँगा आपको दिल ❤️ से ।

देवभूमि हिमाचल के बर्फीले पहाड़ो की तलहटी में स्थित मनाली देश की राजधानी दिल्ली से है 540 किमी दूर, कैसे जाए ये आपकी बताऊंगा जरूर ।

 ट्रेन द्वारा : 
●निकटम रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ / कालका  से 308 किमी दूर मनाली पहुँच सकते है बस या टैक्सी से । 
● दूसरा पठानकोट से जोगिंदर नगर टॉय ट्रेन से वहाँ से 162किमी टैक्सी से मनाली जा सकते है ।

सड़क मार्ग: 
●यदि जाना ही है सड़क मार्ग से तो ले जाइए अपनी गाड़ी बड़ी शान से या दाम खर्च करके जाइये टैक्सी से ।

●बुक कीजिये सरकारी या प्राइवेट बसे जो आपको पहुचायेगी मनाली बड़े आराम से ।

बस मिलेगी आपको शाम के समय दिल्ली के कश्मीरी गेट, आश्रम मेट्रो स्टेशन या मजनू के टीला के पास से । बुक कर लीजिये अपनी शीट और सफर का आनन्द लेते हुए सुबह जल्दी पहुँच जाएंगे मनाली । 

बस अड्डे से ऑटो करके होटल पहुँच जाइये । मनाली में व्यास नदी के दोनों किनारों पर या मनाली की जीवन रेखा पुरानी मनाली के माल रोड के आसपास भरपूर  होटल मिल जाएंगे । कुछ देर आराम करिए और निकल पड़िये पहले दिन स्थानीय मनाली घूमने ..

1. हिडिम्बा देवी मन्दिर 
2. ढुमरी वन विहार
3. याक की सवारी
4. बच्चो के लिये अप्पूघर
5. क्लब हाउस 
6. माल रोड 
7. तिब्बती मोनेस्ट्री
8. वन विहार व्यास नदी
9. वशिष्ठ मन्दिर / गर्म पानी
10. मनु मन्दिर

जितना एक दिन कर सके कर लीजिये बाकी बाद के समय के लिये छोड़ दीजिये । अगले दिन मनाली से कुछ बाहर ये भी जा सकते है ।

1. पलचान - कोठी - मरही गाँव
2. रोहतांग दर्रा 
3. सोलांग घाटी 
4. केविल कार / पैरा ग्लाइडिंग
5. जटोली शिव मंदिर
6. नेहरू कुंड

इसके बाद वापीस मनाली अगले दिन ।

1. अटल टनल (सोलांग घाटी होते हुये) ढूंढी
3. अटल सुरंग पार घाटी
2. शिश्शू गांव अटल सुंरग से आगे - लाहुल घाटी

वापिस मनाली उसके अगले दिन के लिये ।

1. नग्गर महल 
2. कसोल
3. मणिकरण
4. शिव मंदिर - गर्म पानी झरना 
5. गुरुद्वारा 

वापिस मनाली या अपना साधन है तो वापिस दिल्ली भी जा सकते है ।

कुल्लू मनाली के बीच व्यास नदी पर वाटर राफ्टिंग का लुत्फ लिया जा सकता है या मणिकर्ण के पास खीर गंगा ट्रेक पर भी जा सकते है ।

मेरे ख्याल से मनाली के बारे मे काफी कुछ इस पोस्ट में बता दिया बाकी कुछ रह गया हो तो जानकर लोग अवश्य बताइयेंगे तो जोड़ देंगे ।

आप सभी का धन्यवाद दिल ♥️ से । 
घूमते रहिये घुमाते रहिये दिल से ।

देखो अपना देश ।

#Safarhaisuhana #manali #rohtangpass #ataltunnel #himachalpradesh #Ritesh #GDs #ghumakkaridilse #hidimbatemple #manikaran #kasol #kullu #kullumanali 

Tuesday, March 14, 2023

काल्पी - महर्षि वेद व्यास की जन्मभूमि मन्दिर

अपना देश भारत अनादि काल से ऋषि मुनियों की धरती रही है और समय-समय पर इनके द्वारा हिन्दू धर्म को मार्ग दर्शन मिला है जो आज भी इनके द्वारा रचित वेद पुराणों, ग्रन्थों और महाकाव्य के रूप विद्यमान है । इन्ही महान ऋषियों में एक महर्षि थे वेदव्यास जी, जिन्होंने महाभारत नाम के काव्यग्रन्थ की रचना की थी । अपने श्री मुख से व्यास जी महाभारत महाकाव्य का उच्चारण किया था और भगवान गणेश जी के द्वारा लिखी गयी ये रचना आज हिन्दू धर्म की सबसे बड़ी और प्रमुख रचना है जो जीवन के सन्देश के साथ सत्य और असत्य का बोध कराती है ।

अपने एक मित्र के विवाह समारोह के लिये काल्पी नगर जाना हुआ । काल्पी एक छोटा नगर है जो उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आता है । यमुना नटी के किनारे बसे नगर के भृमण के दौरान ज्ञात हुआ कि काल्पी अपनी ऐतिहासिक छवि (ऐतिहासिक छवि के बारे अन्य लेख में) के साथ-साथ महर्षि वेदव्यास जी की जन्मभूमि भी है । 

विवाह समारोह के उपरांत अगले दिन हम लोग महर्षि वेद व्यास जी के मन्दिर जा पहुँचे । यहाँ पर व्यास जी के दो मन्दिर है । एक मन्दिर नया बना हुआ जो श्री बाल व्यास नाम से है, ये मन्दिर बड़ी जगह में और बहुत खूबसूरती बना हुआ है । मन्दिर गर्भ गृह में व्यास जी के पिता ऋषि परासर जी और माता सत्यवती की गोद मे बाल व्यास को  काले रंग की मूर्ति रूप में स्थापित किया हुआ है । मन्दिर प्रांगण के परिक्रमा पथ में काले पत्थर की मूर्तियो को स्थापित किया गया । 

श्री व्यास जी के प्राचीन मंदिर नए मन्दिर के समीप ही एक ऊंचे टीले पर विद्यमान है । ऊपर तक जाने के लिए सीढ़िया बनी हुई है । प्राचीन मंदिर अपनी पुरानी अवस्था मे ही है । मंदिर प्रांगण साफ सुधरा और बहुत अच्छी हालत में है । इस प्राचीन मंदिर में महर्षि वेद व्यास जी के प्रतिमा स्थापित है, पुजारी जी के द्वारा समय पर आरती वंदन किया जाता है । मन्दिर परिसर से यमुना तट सामने ही नजर आता है । महर्षि वेद व्यास के दर्शन करने के पश्चात कुछ देर मन्दिर में बैठे रहे और पुजारी जी मन्दिर के बारे जानकारी ली । इसके बाद मन्दिर में से विदा लेकर हम लोग अपने राह पर निकल गए ।


#Safarhaisuhana #kalpi #vedvyas #uttarpardesh #jalaun #temple #vyastemple #mahabharat 


स्थान : काल्पी 

समय : फरवरी 2023

प्रस्तुत है कुछ चित्र काल्पी के श्री वेद व्यास मन्दिर के 










इन चित्रों  के साथ इस लेख का समापन करता हूँ मिलते है फिर किसी नए लेख में नई जगह के साथ ।

धन्यवाद 

Tuesday, September 21, 2021

हिमालय में स्थित लद्दाख की रोमांचक यात्रा (Mission Laddhakh By Kishan Bahety..1 )

 Guest Post Written by Kishan Bahety

हमारे भारत देश के उत्तरी दिशा में एक महत्वपूर्ण और खूबसूरत  राज्य "जम्मू और कश्मीर" । सम्पूर्ण राज्य हिमालय पर्वत की गोद में ही बसा हुआ है । इस राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी है श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी है "जम्मू " । सम्पूर्ण राज्य इन संभाग में बटा हुआ,पहला जम्मू सम्भाग जिसका मुख्य नगर है "जम्मू", दूसरा कश्मीर संभाग जिसका मुख्य नगर है "श्रीनगर" अंतिम और तीसरा संभाग है लद्दाख जिसका मुख्य नगर है "लेह" । इसी राज्य के लद्दाख संभाग की यात्रा का सौभाग्य मूझे मिला तो चलते है लद्दाख की यात्रा पर मेरी जुबानी इस लेख के माध्यम से -


Tuesday, April 23, 2019

सफ़र देहरादून का (गढ़वाल संस्मरण)→ Traveling to Dehradun (Garwal Glory) ..1

 Written by → Ritesh Gupta
 
हमारे देश भारत का एक बहुत ही खूबसूरत पहाड़ी राज्य है देवभूमि उत्तराखंड । देवभूमि इसलिये कहते है क्योकि इस राज्य के कण-कण में देवताओं का वास है । इस राज्य में प्रसिद्ध चार धाम तीर्थ स्थल है तो पवित्र गंगा और यमुना नदी का उद्गम भी यही से होता है । इस राज्य में देश के प्रमुख धार्मिक स्थल है और साथ ही साथ विश्व विख्यात पर्यटक स्थल भी है ।  इस खूबसूरत राज्य को मंडल के आधार पर दो भागो में विभक्त किया गया हैं, पहला गढ़वाल और दूसरा कुमाऊँ । गढ़वाल मंडल में सात और कुमाऊँ मंडल में छह  जिले आते हैं । उत्तराखंड के दूसरे भाग "कुमाऊँ" की काफी स्थलों की यात्रा कर चुका हूँ  और यहाँ की यात्रा के बारे में अपने ब्लॉग पर सचित्र वर्णन भी कर चुका हूँ । अब बात आती है गढ़वाल भाग की और इस बार हमने अपना यात्रा कार्यक्रम भी सपरिवार गढ़वाल की काफी जगहों को घूमने के लिए बनाया । आगे ये श्रंखला मेरी गढ़वाल यात्रा से ही प्रेरित है और आप लोगो अपनी इस यात्रा के बारे में काफी कुछ जानने को मिलेगा । चलिये आज आप लोगो को ले चलते देहरादून की यात्रा पर -

गुड़गाँव में दिल्ली के रास्ते एयरपोर्ट के पास सूर्योदय ( Sunrise on the way near Delhi Airport)

Thursday, April 4, 2019

कात्यायनी देवी मंदिर, छतरपुर, दिल्ली (Katyayani Devi Temple,Chhatarpur, Delhi)

 Written by → Ritesh Gupta 

हमारे शहर आगरा के नजदीक है देश की राजधानी दिल्ली, नजदीक इसलिए क्योकि अब छह लाइन का यमुना एक्सप्रेसवे आगरा से दिल्ली को जोड़ता है और कम समय में आगरा से दिल्ली पहुंचा जा सकता है । कई बार अपने कार्य से दिल्ली जाना हुआ है पर आज तक कभी अच्छे से दिल्ली और यहाँ को पर्यटक स्थलों को सही से नहीं घूम पाया है, कभी कुछ घूम लिया तो कभी कुछ । वैसे दिल्ली में कुतुबमीनार ,अक्षरधाम, इंडियागेट, लाल किला आदि का भ्रमण किया हुआ है । अब दिल्ली में पहले की अपेक्षा काफी अच्छे आधुनिक और एतिहासिक पर्यटक स्थल बन गये है और वो काफी प्रसिद्ध भी हो रहे है । एक बार एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए बस के द्वारा दिल्ली के छतरपुर जाना हुआ उसी दौरान पास में स्थित श्री कात्यायनी देवी मंदिर के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

श्री आध्य माँ कात्यायनी देवी मंदिर (Maa Katyayani Devi Temple,  Chhatarpur, Delhi)

Friday, February 8, 2019

कश्मीर का सुहाना सफर - अंतिम भाग ( Return from Kashmir via Road.. 11)

Written By Ritesh Gupta

इस श्रंखला को प्रारम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक कीजिये । कश्मीर की यात्रा हम लोगो के लिए बहुत अच्छी रही  । जितना सम्भव हो सका कश्मीर की उतनी जगह को हम लोगो ने अपनी इस यात्रा में जोड़ा और उस जगह का भ्रमण भी किया । कश्मीर की ये यात्रा हम लोगो के लिए बहुत अच्छी रही और कही अधिक परेशानी नही उठानी पड़ी , एक तरह से यह यात्रा हम लोगो के लिए बिल्कुल सफल रही और खूबसूरत यांदो के समेट भी लिया । अब प्रस्तुत है इस श्रंखला का अंतिम लेख - जिसमे हम लोगो ने कश्मीर से वापिसी की यात्रा का वर्णन किया है :-


चिनाब नदी पर बना बगलिहार डैम का नजारा कारमील नाम की जगह के एक रेस्तरा से (Baglihar dam from A Restra onthe way to Jammu)

Thursday, July 26, 2018

भारत के राज्यों का सौन्दर्य - Part - 1

Guest Post Written by Aparna Sisodiya (अपर्णा सिसोदिया )

भारत की आकृति, प्रकृति और संस्कृति बहुत ही अद्भुत, अनुपम और अनुकरणीय है । जम्मू और कश्मीर जिसके सर का ताज है, दिल्ली जिसका दिल है और हिन्द महासागर जिसके पग को पखारता है । भाषा, धर्म, कला, नृत्य, संगीत, खान-पान, वेष-भूषा, रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार आदि की भिन्नताओं से ही भारत का एक स्वरूप निर्मित होता है।

भारत देश विविधता में सदभाव को दर्शाता है, अपने समृद्ध इतिहास पर गर्व करता है, जीवंत जीवनशैली का परिचायक है और धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाज को एक रंग में पिरोता है।

भारत के पास हर तरह के यात्रियों को पेश करने के लिए कुछ विशेष है । चलिए चलते है भारत की राज्यवार चर्चा पर - 
Dal Lake ,Kashmir

Monday, May 14, 2018

कश्मीर का अद्भुत मंदिर माँ खीर भवानी (Kheer Bhawani Temple Kashmir..10)

Written By Ritesh Gupta

इस श्रंखला को प्रारम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक कीजिये । कश्मीर एक ऐसा नाम जिसे सुनते है आँखों के सामने सुंदर प्राकृतिक द्रश्य, बहती नदिया, झीले, पहाड़, बर्फ से ढकी चोटियाँ, हरे-भरे घास के मैदान, खिलते हुए फूल नजर आ जाते है । इसके सिवा कश्मीर में काफी कुछ देखने को भी कश्मीर है जैसे मंदिर , मस्जिद और कुछ ऐतिहासिक अवशेष । आज की इस पोस्ट में आपको ले चलते है कश्मीर के अंदुरीनी ईलाके में स्थित माँ खीर भवानी मंदिर की यात्रा के साथ शाम के समय डल झील की शिकारे से झील की बीच स्थित बाजार की सैर पर -

खीर भवानी मंदिर कश्मीर (Kheer Bhawani Temple, Kashmir)

Thursday, January 18, 2018

टॉप 12 कम ज्ञात भारतीय स्थलों (Top 12 Lesser Known Place of India)


Guest Post Written by Aparna Sisodiya (अपर्णा सिसोदिया )


 टॉप 12 कम ज्ञात भारतीय स्थलों 

भारत अपनी विविध सांस्कृतिक विरासत, जीवंत प्रकृति और अंतहीन सुंदर वास्तुकला के लिए जाना जाता है। देश और विदेश के कोने कोने से  पर्यटक आगरा, शिमला, केरला, कश्मीर और गोवा जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थानों को देखने के लिए आते हैं। भारत, हालाँकि इस से बहुत अधिक खूबसूरत और मनमोहक है। भारत में अप्रचलित स्थानों में  प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता देखने को मिलती है। हम आपके लिए बेहतरीन स्थानों का संग्रह ले कर आये हैं जो आप को भारत की अद्वितीय खूबसूरती से अवगत कराएगा यहाँ पर भारत के शीर्ष 12 कम ज्ञात गंतव्यों के बारे में बात करते हैं । 

1.Auli,-Uttarkhand

Wednesday, December 20, 2017

सोनमर्ग - जोजिला दर्रा से जीरो पॉइंट का सफर (Travel to Sonamarg, Zojila Pass, Kashmir....9)

Written By Ritesh Gupta

इस श्रंखला को प्रारम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक कीजिये । सोनमर्ग जिसे सोनामर्ग कहते है, कश्मीर घाटी में थाजिवास ग्लेशियर के साए स्थित बेहद ही सुन्दर पर्यटक स्थल है । यहाँ की यात्रा के समय हम लोगो ने यहाँ-वहां बिखरी हुई प्राकृतिक खूबसूरती भरपूर आनंद लिया । अमरनाथजी की यात्रा के लिए दूसरा प्रमुख आधार स्थल बालटाल यहाँ से कुछ ही दूरी पर स्थित है । चलिए इस पोस्ट के माध्यम से ले चलते है आप लोगो को सोनमर्ग की यात्रा पर -

सोनमर्ग से जोजिला पास के रास्ते से एक सुन्दर द्रश्य (A View From Zozila Pass Road, Sonmarg)

Tuesday, June 13, 2017

श्री वृन्दावन धाम - एक दिव्य स्थल (Vrindavan - A Divine Place )

Written By Ritesh Gupta

राधे राधे !
ये दिव्य शब्द वृन्दावन की गलियों में हर तरफ गूंजता सुनाई देगा, क्योकि ये नगरी भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भक्ति से ओतप्रोत भक्तो की नगरी जो है । यहाँ के निवासी/अनिवासी अभिवादन स्वरूप आपस मे एक दूसरे से यही "राधे राधे" शब्दो का उपयोग करते है । एक कहावत है - जहाँ के कण कण में बसे हो श्याम वो श्री वृन्दावन धाम । यहाँ की मृदा, वायु और जल मे सब जगह भगवान श्रीकृष्ण का वास माना जाता है, इस तीर्थ क्षेत्र की यात्रा करने वाला भक्त अपने आपको बहुत सौभाग्यशाली मानता है और भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में सारोबार हो जाता है । इस क्षेत्र को बृज क्षेत्र या बृज भूमि कहते है जिसमे मथुरा, वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन,  आगरा , धोलपुर, जलेसर, भरतपुर, हाथरस, अलीगढ, इटावा, मैनपुरी, एटा, कासगंज और फ़िरोज़ाबाद आदि जिले आते है । चलिये चलते है इस पोस्ट के माध्यम से उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध वृंदावन धाम की पावन यात्रा पर -

रंगीन प्रकाश से अद्भुत छवि प्रस्तुत करता है "प्रेम मंदिर", वृन्दावन  (Colorful by Light beautiful Prem Mandir, Vridavan)

Friday, June 2, 2017

निप्पोंज़न मायोजी बुद्ध मंदिर, कोलकाता ( Nipponzan Myohoji Buddhist Temple, Kolkata by Kishan Bahety)

 Guest Post Written by Kishan Bahety 

                                                              "बुद्धम् शरणम् गच्छामि"

ये मन्त्र एशिया के उन सभी देशो में आपको सुनने मिल जायेगा, जिसे दुनिया के उन्नत देशो में से एक माना जाता है, पर जिस देश से बौद्ध मन्त्र और धर्म की उत्पत्ति हुई है वही इसका सबसे पहले पतन भी हुआ । कुछ जगहों (बिहार का "गया") को छोड़कर ।  जिस बौद्ध की बाते हमारे पाठयक्रम में शामिल है वो बस किताबो तक ही सीमित रह गया है । भारत में बौद्ध धर्म का मुख्य स्थल या केंद्र बिन्दू  (Main Center) "गया" है, जहाँ भगवान गौतम बुद्ध का सबसे बड़ा मंदिर है । इसके अलावा भारत में कई मंदिर या स्तूप देखने को मिल जायेगे, तवांग से लेकर लद्दाख तक,  मनाली से लेकर राजगीर तक । जो हर जगह पर्यटको के लिए खास आकर्षक का केंद्र है ।  ऐसा एक बौद्ध मंदिर या स्तूप हमारे शहर कोलकाता में भी है, अफ़सोस इस पर बंगाल पर्यटन का कोई विशेष ध्यान न देने के कारण गुमनामी के अँधेरे में जा रहा है ।

Nipponzan Myohoji (Japanese) Buddhist Temple, Kolkata (निप्पोंज़न मायोजी बुद्ध मंदिर, कोलकाता )

Thursday, May 25, 2017

श्रीनगर की सैर - कश्मीर (Local Tour to Srinagar, Kashmir... 8)

Written By Ritesh Gupta

इस श्रंखला को प्रारम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक कीजिये । "सुहाना सफर और ये मौसम हसीन, हमे डर है की हम खो न जाए कही "इस गीत के बोल कश्मीर की वादियों में विचरण करते समय सटीक बैठती है ।कश्मीर के मुख्य नगर श्रीनगर में मुगलों के प्रभाव अपने समय में काफी रहा था सो यहाँ पर उन्होंने और उनके अनुयायियों ने इस नगर में काफी बाग़ और बगीचे विकसित किये थे । उन्ही बागो में से एक है श्रीनगर का सबसे बड़ा और विख्यात बाग़ "निशात बाग" (Mughal Garden Nishat) जिसे मुगल गार्डन भी कहते है । चलिए चलते है आज की पोस्ट के माध्यम से श्रीनगर की सैर पर -

"निशात बाग" में पैदल चलने का स्थान  (Mughal Garden Nishat, Srinagar, Kashmir)

Friday, April 28, 2017

गुलमर्ग - विश्वप्रसिद्ध पर्वतीय स्थल की सैर (Travel to Gulmarg, Kashmir...7)

Written By Ritesh Gupta

इस श्रंखला को प्रारम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक कीजिये । मूलतः सम्पूर्ण कश्मीर में प्राकृतिक सुदंरता चारो तरफ बिखरी पड़ी हुई है - पर कहते है की गुलमर्ग उनमे से सबसे सुन्दर जगहों में से एक मन जाता है । गुलमर्ग मुख्यतः दो शब्दों के मेल से बना है, गुल अर्थात "फूल" और मर्ग मतलब "मैदान" इस हिसाब से गुलमर्ग को फूलो की मैदान माना गया है । वैसे गुलमर्ग में प्राकृतिक सुन्दरता चहुँ और बिखरी पड़ी हुई, हरी घास का एक बड़ा मैदान, हिमान्छिदित पहाड़ियां, मोहक वातावरण, शुद्ध जलवायु । चलिए कश्मीर यात्रा श्रंखला की इस भाग में आपको लिए चलते है गुलमर्ग की सैर पर :-

गुलमर्ग के मुख्य हरे भरे मैदान की एक छोटी से पहाड़ी पर एक मंदिर ( A Shiv Temple at Gulmarg Green Field)

Monday, April 3, 2017

शीतकाल में गंगोत्री धाम की यात्रा (Travel to Gangotri in winter by Anil Dixit)

Guest Post Written by Anil Dixit
गंगोत्री : हमारा एक फेसबुक ग्रुप है, "घुमक्कड़ी दिल से" इसी नाम से व्हाट्सअप पर भी ग्रुप है । इस ग्रुप में हमारे एक बहुत घुमक्कड़ मित्र है श्री अनिल दीक्षित जी । अनिल जी करावल नगर, दिल्ली के रहने वाले है और इन्हें पहाड़ो पर घूमना और ट्रेकिंग करना बहुत पसंद है । इन्हें जब भी मौका मिलता है तभी ये तूफान की रफ़्तार से घूमने निकल पड़ते है, उत्तराखंड घूमना इन्हें बहुत पसंद है । आज के इस लेख में अनिल जी अपनी लेखनी से हाल ही के दिनों में शीतकाल में भ्रमण की गयी गंगोत्री यात्रा वर्णन कर रहे है । चलिए चलते है गंगोत्री की यात्रा पर अनिल जी की जुबानी : -
 
गंगोत्री मंदिर ( Gangotri Temple at Winter Time)

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