प्रिय मित्रों और पाठकगणों को नमस्कार !
आप लोगो ने मेरा पिछला लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5) तो पढ़ा ही होगा, जिसमे मैंने नैनीताल क्षेत्र की दो प्रमुख झील, भीमताल और नौकुचियाताल की सैर का वर्णन किया था । अब अपनी इस कुमाऊँ की श्रृंखला को आगे तरफ अग्रसर करते हुए इस लेख में आपको ले चलता हूँ, भीमताल के पास स्थित “हनुमानगढ़ मंदिर” और प्रकृति की गोद में शांत वातावण में स्थित सरोवर नगरी नैनीताल की सबसे सुन्दर झील “सातताल झील” ।
नौकुचिया झील पर काफी समय व्यतीत हो जाने के बाद समय को महत्व को समझते हुए अब हमारा यहाँ से चलने को समय हो गया था । हमारा टैक्सी चालक भी हमे ढूंढते हुए हमे बुलाने आ पंहुचा था । नौकुचिया झील की स्मृतियों को ह्रदय में कैद कर हम लोग अपनी टैक्सी में बैठ जिस रास्ते से आये तो उसी रास्ते से वापिस चल दिए । लगभग पांच किलीमीटर सफ़र करने के बाद हम लोग भीमताल के उसी स्थान पर पहुँच गए जहाँ से हम भीमताल से चले थे । भीमताल पर रुकने का हमारा कोई मतलब नहीं था, सो हम लोग झील के किनारे-किनारे झील का अवलोकन करते हुए और फिर उसके बाद भीमताल के बायपास वाले रास्ते से न होकर पुराने वाले रास्ते पर चलते रहे । कुछ देर चलने के बाद दूर से ही एक श्री हनुमान जी आदमकद मूर्ति नजर आने लगी । धीरे-धीरे हम लोग उस मूर्ति के पास तक पहुँच गए, यह आदमकद मूर्ति एक मंदिर के प्रांगण स्थापित थी । हमारे कार चालक ने कार को सड़क के किनारे लगा दिया और कहा कि आप लोग जल्दी से दर्शन करके आ जाओ, इस समय छह बज रहे और हम लोगो को अभी सातताल भी जाना हैं ।
हनुमानगढ़ मंदिर (Hanumangarh Temple) के दर्शन :→
हनुमानगढ़ मंदिर (Hanumangarh Temple) के दर्शन :→
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A large statue of Sri Hanuman jI at Hanumangarh Temple Near Bhimtal (भीमताल के पास हनुमानगढ़ मंदिर में स्थापित श्री हनुमानजी की मूर्ति) |