Written by → Ritesh Gupta
यात्रा दिनांक 23जून2014
यात्रा दिनांक 23जून2014
पिछले लेख में अब तक आपने पढ़ा कि सिलीगुड़ी के स्टेशन न्यू-जलपाईगुड़ी से एक टैक्सी के माध्यम से हम लोग गंगटोक शहर पहुँच गये थे । अब इससे आगे का यात्रा वर्णन -
कंचनजंघा पर्वत श्रेणी के साए बसा गंगटोक शहर (स्थानीय नाम - गांतोक) सिक्किम राज्य की राजधानी होने साथ-साथ उत्तर-पूर्वी राज्यों का एक मुख्य पर्यटक स्थल भी है। यह सिक्किम का सबसे बड़ा शहर और मुख्यालय है, यहाँ पर कई मंजिला ईमारतो और नगर व्यवस्था को देखकर सहज विश्वास नहीं होता की यह एक पहाड़ी नगर है। शहर में पैदल चलने वालो के लिए सड़क किनारे लोहे की जाली लगा एक पैदलमार्ग का निर्माण किया गया है। शहर की पुलिस व्यवस्था, सड़क यातायात दुरुस्त है और यहाँ के नियम-कानून सख्ती से पालन किये जाते है । हिमालय श्रंखला में गंगटोक समुन्द्रतल से 1650 मीटर (5410 फीट) की ऊंचाई पर बसा होने का कारण यहाँ का मौसम हमेशा सुहावना बना रहता है । मुख्य पर्यटक स्थल होने के कारण यहाँ पर छोटे-बड़े होटलों की भरमार है, वैसे शहर के मध्य एम.जी. मार्ग (M.G. Marg) या लाल बाजार के पास काफी अच्छे होटल मिल जाते है ।
कंचनजंघा पर्वत श्रेणी के साए बसा गंगटोक शहर (स्थानीय नाम - गांतोक) सिक्किम राज्य की राजधानी होने साथ-साथ उत्तर-पूर्वी राज्यों का एक मुख्य पर्यटक स्थल भी है। यह सिक्किम का सबसे बड़ा शहर और मुख्यालय है, यहाँ पर कई मंजिला ईमारतो और नगर व्यवस्था को देखकर सहज विश्वास नहीं होता की यह एक पहाड़ी नगर है। शहर में पैदल चलने वालो के लिए सड़क किनारे लोहे की जाली लगा एक पैदलमार्ग का निर्माण किया गया है। शहर की पुलिस व्यवस्था, सड़क यातायात दुरुस्त है और यहाँ के नियम-कानून सख्ती से पालन किये जाते है । हिमालय श्रंखला में गंगटोक समुन्द्रतल से 1650 मीटर (5410 फीट) की ऊंचाई पर बसा होने का कारण यहाँ का मौसम हमेशा सुहावना बना रहता है । मुख्य पर्यटक स्थल होने के कारण यहाँ पर छोटे-बड़े होटलों की भरमार है, वैसे शहर के मध्य एम.जी. मार्ग (M.G. Marg) या लाल बाजार के पास काफी अच्छे होटल मिल जाते है ।
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होटल के कमरे से नजर आता घाटी का द्रश्य , गंगटोक (View from Hotel Room, Gangtok) |